प्रिय प्रवेशार्थी, मुझे अतीव प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है कि ज्ञान–पिपासा और उत्तम नागरिक बनने कि उत्कर्ष अभिलाषा से प्रेरित होकर आप इस शिक्षा संस्थान मे प्रवेश हेतु अग्रसर हुये हैं l
महाविद्यालय वह पवित्र ज्ञानस्थली है जहाँ निरन्तर उद्देश्य पूर्ण परिश्रम से आप अपने सुखद व सफल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं l इसी शैली के अनुरूप कनकरानी दर्शन सिंह शिक्षण संस्थान का उद्देश्य छात्र/छात्राओं को उनके मानसिक, शारीरिक, आत्मिक तथा चारित्रिक विकास की दृष्टि से शिक्षा प्रदान करना है l आज की व्यावसायिक, भ्रष्ट राजनीतिक तथा असहिष्णु समाज ने भारत की युवाशक्ति को दिशा विहीन ही किया हैl अतः समाज के जनमानस के मध्य व्याप्त अंधकार को दूर करने के लिए तथा समाज के युवाओं को सुशिक्षित एवं प्रशिक्षित बनाने के लिये हमने इस संस्था रूपी टीम को प्रज्जवलित किया हैं l
अभी तो इस संस्था का शैशव काल है अभी महाविद्यालय परिवार की समस्त परिकल्पनाएँ साकार नही हो सकी हैं l अस्तु, अभी इसके विकास की अनन्त सम्भावनाएँ हैं किन्तु समाज के ऐसे महान कार्य किसी एक या दो भी व्यक्ति के प्रयासों या संसाधनों मात्र से पूरे नहीं हो सकते, अतः इस पुनीत कार्य में सभी अभिभावकों, क्षेत्रीय नागरिकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से सहयोग चाहते हैंl वास्तव में शिक्षा ही किसी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र के विकास का आधार है l अतः हम शिक्षा के इस पुनीत महायज्ञ में सहयोग रूपी समिधा की एक आहुति देकर भावी पीढ़ियों का पथ प्रशस्त करें l यही मेरी कामना हैं l
