संक्षिप्त परिचय
ज्ञान प्रदायनी माँ सरस्वती की मधुर प्रेरणा से अभिभूत श्री दर्शन सिंह के ह्रदय में अपने कर्म क्षेत्र गौरी में एक विद्यालय महाविद्यालय का शिशु स्वरूप उनके जीवन काल में ही अंगड़ाइयां लेने लगा था l इसके फलस्वरूप उनके शुभचिन्तकों तथा स्वपुत्रों ने उनके ह्रदय में क्रीडित शिशु को महाविद्यालय सजीव बाधिक रूप देने हेतु ‘ ‘ कनकरानी दर्शनसिंह शिक्षण संस्थान ‘ ‘ की स्थापना वर्ष 2020 में की और विश्वविद्यालय आयोग के विनियमों के अन्तर्गत पंजीकरण कराया l
मधवापुर निवासी श्री दर्शन सिंह अपने पिता प्रताप सिंह की अनुपम निधि थे , जो एक सामान्य कृषक थेl ऐसे सामान्य कृषक परिवार में ही दिसम्बर 1924 के शुभ अवसर में जन्मे श्री दर्शन सिंह को अपनी माता श्रीमती रंजीत कुंवर जो वैष्णव विदुषी धार्मिक प्रवृति की थीं, से भी शिक्षा सम्बन्धी प्रेरणा मिलती रही l जीवन संगिनी धर्मपत्नी श्रीमती कनक रानी ने भी अपने पति धर्म का पालन कर निरन्तर एक शिक्षण संस्थान की स्थापना हेतु प्रेरित किया l आपके यशस्वी पुत्रों सर्व श्री देवेन्द्र सिंह ‘भोले’ (पूर्व मंत्री / सांसद ), गजेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह एवं आकाश सिंह के प्रबल समर्थन ने भी उन्हें एक महाविद्यालय की स्थापना हेतु प्रेरित किया l श्री दर्शन सिंह गाँधीवादी विचारधारा ‘ ‘ सादा जीवन उच्च विचार ‘ ‘ के समर्थन रहे l
सभी मान्यवरों द्वारा उक्त दायित्व क निर्वाह सुनिश्चित कर सन् 2020 को भूमि पूजन कर कनकरानी दर्शनसिंह शिक्षण संस्थान, गौरी, झीझक, कानपुर देहात की स्थापना की l सम्बध्द यह महाविद्यालय क्षेत्र की गरीब जनता के बालक – बालिकाओं को ग्रामीण आँचल में उच्च शिक्षा देने का एक माध्यम बना
वर्तमान में बी.एस.सी संकाय की मान्यता एवं प्रवेश निश्चय ही इस विद्यालय की प्रगति एवं वृद्धि का परिचायक हैं , जिसका श्रेय हमारे सह्रदय, कर्मठ एवं उच्च शिक्षा विचारक मुख्य संरक्षक माननीय श्री देवेन्द्र सिंह भोले (सांसद) प्रबन्धक आकाश सिंह को है l यह शिक्षण संस्था क्षेत्र की अनुपम धरोहर है l क्षेत्र की जनता एवं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं क दायित्व है कि इसे संभालकर सुरक्षित रखें l
